पटना , अक्टूबर 10 -- बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने शनिवार को कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) का जीवन संघर्ष, वैचारिक दृढ़ता, अनुशासन और अहिंसा के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है और उनके विचार आज भी प्रासंगिक तथा युवाओं के साथ-साथ राजनेताओं के लिए अनुकरणीय हैं।

मंत्री ने कहा कि वर्ष 1974 में जेपी ने युवा शक्ति को एकजुट कर अनुशासित एवं अहिंसक आंदोलन का नेतृत्व किया था, जिसका उद्देश्य केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार, जनभागीदारी बढ़ाना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना था।

डॉ. चंद्रवंशी ने आज लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर जेपी विचार मंच की ओर से भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईबीएम) के सभागार में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उनसे जुड़े संस्मरण साझा किया और संघर्ष, विचारों और लोकतंत्र की रक्षा में ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जेपी के आदर्शों को केवल इतिहास तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनसे प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित, सामाजिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता मजबूत करनी चाहिए।

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