रांची , सितंबर 14 -- झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और ओएमआर शीट में हेराफेरी के मामलों की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपितों में जेपीएससी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने के आरोप में शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाने के आरोपित दिलीप कुमार पासवान शामिल हैं।
दोनों को सीआईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सीआईडी ने जेपीएससी परीक्षाओं में अनियमितता से जुड़े सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में अप्राथमिकी अभियुक्त संजीत कुमार को गिरफ्तार किया है। वह रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के शिव भवन, कमलाकांत रोड, रातू रोड का रहने वाला है और सरकुलर रोड स्थित शिवांगन कोचिंग का संचालक है।
जांच में आरोप है कि संजीत कुमार अभ्यर्थियों को जेपीएससी परीक्षा पास कराने का दावा करता था और सेटिंग के नाम पर उनसे रुपये वसूलता था। वह परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी और संचालक रामबीर सिंह के संपर्क में था।
पूर्व में गिरफ्तार अभय तिवारी के बयान में भी संजीत कुमार का नाम सामने आया था। अब सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कितने अभ्यर्थियों से कितनी रकम ली और इस रकम को किन-किन लोगों के बीच बांटा गया।
वहीं, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में दर्ज सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में दिलीप कुमार पासवान की गिरफ्तारी हुई है। सीआईडी के अनुसार उसने आसनसोल के एक होटल में करीब चार-पांच अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़े प्रश्न और उत्तर रटवाए थे। इसके बदले अभ्यर्थियों से रुपये लेने का भी आरोप है।
जांच के दौरान सीआईडी ने वित्तीय लेन-देन समेत अन्य साक्ष्य जुटाए। पूछताछ के लिए रांची बुलाए गए दिलीप से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। अब सीआईडी उससे वसूली गई रकम और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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