रांची , जुलाई 21 -- झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के कार्यालय में मंगलवार को सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान पूरे जेपीएससी कार्यालय को पुलिस ने घेर लिया और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। सिटी एसपी के नेतृत्व में कई डीएसपी, इंस्पेक्टर और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।

जेपीएससी में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर जांच एजेंसियां महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेपीएससी के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी ने जेपीएससी की पूर्व असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, 14वीं जेपीएससी परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी की गई और उसके कार्यालय को सील कर दिया गया।

ज्ञातव्य है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद आयोग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठे थे। विशेष रूप से कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर अभ्यर्थियों ने विरोध जताया था। इस मामले की शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी की गई थी।

इस मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता अमर बाउरी ने कहा, "दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।" भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया कि 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को लेकर पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा बनाए गए दबाव के बाद यह कार्रवाई हुई है। भाजपा का कहना है कि यदि युवा मोर्चा ने जेपीएससी कार्यालय घेराव और उग्र प्रदर्शन की घोषणा नहीं की होती, तो इस मामले में भी सच्चाई दबाने का प्रयास किया जाता।

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