वाराणसी , सितंबर 13 -- देशभर में अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर मुखर हो रही जेन जी को सामाजिक जिम्मेदारियों, कर्तव्यों और कैरियर निर्माण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को लमही स्थित सुभाष भवन में जेन जी कार्यशाला का आयोजन किया गया।

विशाल भारत संस्थान एवं मालवीय सेंटर फॉर पीस रिसर्च, बीएचयू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में "जेन जी : राष्ट्र, समाज एवं परिवार के प्रति कर्तव्य निर्वहन एवं कैरियर निर्माण" विषय पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा कि जेन जी को नजरअंदाज या कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। उनकी बात सुनने और उनकी समस्याओं को समझने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि परिवार को केवल पैसा नहीं, बल्कि समय भी चाहिए। जीवन सोशल मीडिया की रील नहीं है और असफलता जीवन का अंत नहीं होती। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग साधन के रूप में करने, उसका गुलाम न बनने, स्वास्थ्य का ध्यान रखने, गलत संगति से बचने तथा कानून और संविधान का सम्मान करने की सलाह दी।

मालवीय सेंटर फॉर पीस रिसर्च के समन्वयक प्रो. मनोज मिश्रा ने कहा कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय राजनीति और देश के खिलाफ होने वाले षड्यंत्रों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

कार्यशाला में 198 जेन जी ने भाग लिया तथा 15 युवाओं का सामाजिक कार्यों के लिए सोशल लीडरशिप के लिए चयन किया गया।

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