श्रीनगर , मार्च 02 -- जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से तुरंत हस्तक्षेप करने और ईरान से भारतीय छात्रों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की सुविधा प्रदान करने की अपील की।
जेकेएसए ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के छात्रों की सुरक्षा पर जोर देते हुए आग्रह किया कि जब तक पूर्ण रूप से निकासी अभियान शुरू नहीं हो जाता, तब तक उन्हें सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया जाए।
यह अपील ईरान में बार-बार हो रहे हवाई हमलों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बाद तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच आयी है।
संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहेमी ने कहा कि जारी हवाई हमलों ने छात्रों के बीच व्यापक घबराहट पैदा कर दी है और कई छात्र डर, अनिश्चितता और गंभीर संकट की रिपोर्ट कर रहे हैं। तेजी से बिगड़ते हालात के बीच घर पर मौजूद माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरे असमंजस और भय में हैं।
उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों के कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने तनाव बढ़ने के कारण एहतियात के तौर पर छात्रों को परिसर खाली करने की सलाह दी है। हवाई क्षेत्र में व्यवधान, प्रतिबंधित आवाजाही और बढ़ती अस्थिरता के कारण छात्रों के लिए सुरक्षित रास्ता खोजना या वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करना कठिन होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इसलिए संघ ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वह विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ घनिष्ठ समन्वय सहित सक्रिय और तत्काल उपाय करें, ताकि सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरण सुनिश्चित किया जा सके, जब तक कि सरकार औपचारिक रूप से एक व्यापक निकासी अभियान शुरू नहीं करती।
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