रांची , अगस्त 19 -- झारखंड सरकार की ओर से वर्ष 2014 से अब तक आयोजित जेएसएससी और जेपीएससी की कई परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद जेएसएससी सीजीएल के जरिए चयनित होकर विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के भविष्य पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के विरोध में कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
लगातार दूसरे दिन बुधवार को राजधानी रांची के प्रोजेक्ट भवन के बाहर सैकड़ों कर्मचारी प्रदर्शन करते रहे। भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे। सोमवार देर रात से प्रोजेक्ट भवन के बाहर मौजूद कर्मचारियों को बुधवार सुबह राज्य के अलग-अलग जिलों में पदस्थापित कर्मचारियों का भी समर्थन मिलने लगा।
प्रदर्शनकारी प्रोजेक्ट भवन के मुख्य गेट के समीप बैठकर सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण पुलिस मुख्यालय की ओर जाने वाली सड़क पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और कुछ देर के लिए जाम की स्थिति भी बनी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास कर नियुक्ति हासिल की है और वर्तमान में विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। परीक्षा रद्द किए जाने के सरकार के फैसले से उनकी नौकरी और भविष्य पर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
कर्मचारियों ने सरकार से उनके मामले में तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सरकार की ओर से उनकी सेवाएं सुरक्षित रखने और नौकरी पर किसी तरह का असर नहीं पड़ने का स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे किसी जांच या दोषियों पर कार्रवाई के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कथित अनियमितताओं के लिए उन अभ्यर्थियों और कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया में मेहनत कर परीक्षा पास की और नियुक्ति प्राप्त की है। सरकार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ निर्दोष चयनित अभ्यर्थियों के हितों की भी रक्षा करनी चाहिए।
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