रांची , अगस्त 28 -- झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित 'झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023' (जेएसएससी-सीजीएल) में हुई कथित अनियमितता और धांधली के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को बड़ी सफलता मिली है।
सीआईडी की टीम ने कार्रवाई करते हुए परीक्षा में कथित तौर पर धांधली के जरिए सफलता हासिल करने वाले चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है।
सीआईडी के अनुसार, यह कार्रवाई थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत की गयी है। जांच के दौरान परीक्षा में अनियमितता और धांधली से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद चारों अभ्यर्थियों को चिन्हित किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कथित मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
सीआईडी ने शुक्रवार को चार अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी के अलावा एक दिन पहले गिरफ्तार किये गये सोमांश प्रकाश और राहुल को पांच दिनों के रिमांड पर लिया है। दोनों से पूछताछ कर परीक्षा में कथित धांधली के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है।
ज्ञातव्य है कि जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी ने गुरुवार को गिरिडीह जिले के बेंगाबाद से समीर उर्फ शालू को गिरफ्तार किया था। उसके घर से जांच एजेंसी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किये थे। बताया जाता है कि बेंगाबाद कथित घोटाले के प्रमुख आरोपी अभय तिवारी का ससुराल है।
सीआईडी की लगातार कार्रवाई के बाद जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित धांधली का मामला और गहराता जा रहा है। जांच एजेंसी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और परीक्षा में अनियमितता के पीछे शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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