अलवर , अप्रैल 28 -- राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी के यूआईटी थाने में नाबालिग दलित बालक से पुलिस की कथित अवैध हिरासत, बर्बर मारपीट और थर्ड डिग्री यातना देने के मामले में कांग्रेस के विपक्ष के नेता टीकाराम जूली, भरतपुर सांसद संजना जाटव एवं अलवर के पूर्व सांसद जितेंद्र सिंह आज पीड़ित के गांव झिवाना पहुंचे और उन्होंने परिवारजनों से पूरी घटना की जानकारी ली ।

श्री जूली ने इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जज या विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की।उन्होंने परिजनों को विश्वास दिलाया कि इस मामले में कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ है। आरोपियों को सजा दिलाने का काम किया जाएगा। अगर इसमें सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है तो दो दिन बाद आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

श्री जूली ने कहा कि इस नाबालिग के साथ यातना जैसी घटना करने का मामला देश की संसद तक गूंजेगा। उन्होंने कहा कि कानूनी जो भी सहायता होगी वह आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार को दिलाई जाएगी।

अलवर के पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि बहुत दुख की बात है की नाबालिग बच्चों के साथ इस तरह दुर्व्यवहार किया गया। परिजनों के विरोध के बाद मामला दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां का थाना प्रभारी जयपुर निम्स हॉस्पिटल में बैठा है। वह डॉक्टर है या या बड़ा आदमी है। वहां जो भी लोग बच्चे से मिलने जा रहे हैं, उनको डरा धमका रहा है। श्री सिंह ने कहा कि इस संबंध में हम चुप रहने वाले नहीं हैं पुलिस अपनी कहानी बता रही है, जबकि उस लड़के की हालत खुद बयां कर रही है। उसके हाथ और पैर में चोट है। खून निकल रहा है पुलिस ने बेरहमी से उसके साथ मारपीट की है।

भरतपुर की संसद संजना जाटव ने कहा कि ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ होकर घर वापस आए। यह भी बताया जा रहा है कि उस लड़के के पैर में कील ठोकी गई है। इन सभी तरह की बातों पर जांच की जाए। उन्होंने कहा , " मैं इस मामले को लोकसभा में भी रखूंगी। हमें दो दिन में अगर कोई न्याय नहीं मिला तो धरना प्रदर्शन करेंगे।"श्री जूली ने इस मामले के लिए एसआईटी गठित करके जांच उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की की चोट है वह बहुत गंभीर प्रकृति की चोट हैं। मेडिकल बोर्ड से एमएलसी बननी चाहिए क्योंकि पुलिस द्वारा उसकी जो रिपोर्ट तैयार की गई है वह भी उसे अस्पताल से गायब है। मैं खुद निम्स हॉस्पिटल मिलकर आया था । उस नाबालिग दलित बच्चे की हालत बहुत खराब है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उसकी इस तरीके से यातना दी है कि डॉक्टर भी कह रहे हैं कि अब वह पूर्व जैसी स्थिति में नहीं आ पाएगा और काफी अवसाद में है ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित