अमृतसर , अगस्त 26 -- पंजाब की पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने जीवा कंपनी के रक्षाबंधन संबंधी विज्ञापन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे महिलाओं का अपमान बताया है। उन्होंने विज्ञापन की प्रस्तुति को सामाजिक और नैतिक दृष्टि से अनुचित करार देते हुए संबंधित कंपनी और विज्ञापन का समर्थन करने वालों से जवाब मांगा है।
श्री चावला ने बुधवार को कहा कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व से जुड़े विज्ञापन में राखी बांधती युवतीको जिस रूप में प्रदर्शित किया गया है, वह महिलाओं की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी पसंद के कपड़े पहनने की स्वतंत्रता का समर्थन किया जा सकता है, लेकिन विज्ञापन के नाम पर महिला की ऐसी प्रस्तुति को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने सवाल किया कि क्या विज्ञापन तैयार करने वाले कंपनी के मालिक और इसका समर्थन करने वाले लोग अपने परिवार की बेटियों, बहुओं और बहनों को भी इसी तरह के रूप में रक्षाबंधन के अवसर पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना स्वीकार करेंगे।
पूर्व मंत्री ने राष्ट्रीय महिला आयोग और केंद्रीय कानून मंत्री की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इस प्रकार के विज्ञापनों के खिलाफ कोई कानूनी प्रावधान लागू नहीं होता।
प्रो चावला ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के नाम पर महिलाओं की गरिमा और सम्मान से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित संस्थाओं से विज्ञापन की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
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