नयी दिल्ली , सितंबर 16 -- दिल्ली सरकार ने यमुनापार के दिलशाद गार्डन स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल में 250 बेड के सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक के निर्माण को स्वीकृति दे दी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को यहां कैबिनेट की बैठक में यह स्वीकृति दी गयी।

श्रीमती गुप्ता ने कहा कि जीटीबी अस्पताल पूर्वी दिल्ली का एकमात्र बड़ा सरकारी अस्पताल है और यहां मरीजों का लगातार भारी दबाव रहता है। अस्पताल के लगभग सभी बेड भरे रहते हैं। ऐसे में दुर्घटनाओं और गंभीर आपातकालीन मामलों के लिए आधुनिक ट्रॉमा सुविधाओं का विस्तार जरूरी था। नए ब्लॉक के शुरू होने से गंभीर मरीजों को 24x7 इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर के साथ विशेषज्ञ चिकित्सा, जांच, सर्जरी और गहन चिकित्सा की सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलेगी। दिल्ली सरकार का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के साथ लोगों को जरूरत के समय बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि करीब 22,550 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाला यह ब्लॉक सात मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और उसके ऊपर छह मंजिलें होंगी। इसमें 250 बेड, 48 विशेषज्ञ ओपीडी कमरे और नौ आधुनिक ऑपरेशन थिएटर होंगे। बेसमेंट में ब्लड बैंक और प्रयोगशाला की व्यवस्था होगी। ग्राउंड फ्लोर पर 24x7 इमरजेंसी के साथ सीटी, एमआरआई और एक्स-रे जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दूसरी मंजिल पर 72 बेड का आईसीयू होगा, जबकि चौथी और पांचवीं मंजिल पर 175 सामान्य एवं निजी वार्ड बेड होंगे। छठी मंजिल पर कार्यालय, कक्षाएं और डॉक्टरों के प्रशिक्षण के लिए लैब बनाई जाएगी। कुल 250 बेड में 20 इमरजेंसी, 5 बर्न्स आईसीयू, 70 आईसीयू, 4 आइसोलेशन, 22 प्री-पोस्ट सर्जरी, 102 सामान्य वार्ड और 25 निजी कमरे के बेड शामिल होंगे। नये ब्लॉक में दुर्घटना और गंभीर आपातकालीन मामलों के लिए 24x7 ट्रॉमा उपचार की सुविधा होगी। मरीजों की जांच के लिए सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और प्रयोगशाला की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। सर्जरी के लिए नौ आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाये जायेंगे। इसके अलावा ब्लड स्टोरेज की पूरी सुविधा वाला ब्लड बैंक भी स्थापित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर दुर्घटना के मामलों में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। नये ब्लॉक में इमरजेंसी से लेकर जांच, गहन चिकित्सा और सर्जरी तक की आवश्यक सुविधाओं को एकीकृत तरीके से उपलब्ध कराया जायेगा। इससे पूर्वी दिल्ली में गंभीर दुर्घटना और आपातकालीन मामलों के इलाज की क्षमता में विस्तार होगा। परियोजना की निगरानी के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित की जायेगी। यह समिति हर तीन महीने में बैठक कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करेगी। अस्पताल को वर्ष 2028 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित