जयपुर , सितंबर 24 -- राजस्थान में कर विभाग द्वारा कर अपवंचना एवं संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) दावों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत विभिन्न जिलों में पांच प्रतिष्ठानोंके विरुद्ध सर्वे एवं जांच की कार्रवाई में 22.79 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता सामने आयी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं द्वारा अब तक 17.93 करोड़ रुपए की राशि जमा अथवा आईटीसी रिवर्स किया गया है। शेष देयता के संबंध में आगे की कार्रवाई जारी है। विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में भिवाड़ी में एंगस्ट्रॉम बायोटेक पर कार्रवाई में आपूर्तिकर्ता से खरीद के संबंध में आईटीसी का लाभ लिए जाने की बात सामने आयी, जिसका जीएसटी पंजीयन संबंधित खरीद की तारीख से पूर्व ही निरस्त हो चुका था।
मामले में 60 लाख रुपये की संभावित कर देयता सामने आयी, जिसके विरुद्ध करदाता द्वारा 29.23 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि की गयी। सरदारशहर में सेवाड़ा ट्रेडिंग कंपनी पर जांच, सरदारशहर (चूरू) के वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान अतिरिक्त आईटीसी का दावा किये जाने का मामला सामने आया। जांच में 54.14 लाख रुपए की संभावित देयता चिह्नित की गयी, जिसमें सीजीएसटी एवं एसजीएसटी की राशि 27.07 एवं 27.07 लाख रुपये है।
इसके विरुद्ध करदाता द्वारा 10 लाख रुपये की स्वैच्छिक जमा राशि की गयी है। जोधपुर में केपी इंफ्रा में जांच में लगभग 2.76 करोड़ रूपए के जीएसटी टीडीएस की रिपोर्टिंग पायी गयी, जबकि करदाता द्वारा फरवरी 2026 के बाद जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं किये गये थे।
मामले में 40 लाख रुपये की संभावित कर देयता निर्धारित की गयी है। करदाता द्वारा आगामी 2-3 कार्य दिवसों में देय राशि जमा करने की जानकारी दी गयी है। बाड़मेर में मा सांभरा आशापुरा एंटरप्राइजेज पर कार्रवाई में वाहन किराया एवं आवासीय सेवाओं से जुड़े इस प्रतिष्ठान द्वारा अब-इनिशियो कैंसिल एवं कैंसिल जीएसटी पंजीयन वाले करदाताओं से आईटीसी का दावा एवं उपयोग किये जाने तथा सीजीएसटीएवं आरजीएसटी के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला सामने आया। जांच में 24.61 लाख रुपये की संभावित देयता चिह्नित की गयी। इसके विरुद्ध करदाता द्वारा 8.19 लाख रुपए की राशि जमा की गयी है। जैसलमेर में सीजीई (द्वितीय) हाईब्रिड एनर्जी प्रा लि. पर कार्रवाई में कंपनी सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत है। जांच में पूर्व वित्त वर्षों से संबंधित आईजीएसटी आईटीसी के रिवर्सल में अनियमितता सामने आयी। मामले में 21 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता चिह्नित की गयी। कार्रवाई के बाद कंपनी द्वारा पूर्व अवधि से संबंधित 16.72 करोड़ रुपए का आईजीएसटी आईटीसी रिवर्स किया गया।
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