चंडीगढ़ , जुलाई 17 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन के आह्वान को जींद में आयोजित जनसभा के दौरान व्यापक समर्थन मिला। रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश दिया।

रैली के लिए 155 इलेक्ट्रिक बसें, 311 इलेक्ट्रिक कारें और 273 सीएनजी बसें तैनात की गईं। इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए 41 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए, जबकि छह अतिरिक्त रिजर्व चार्जिंग स्टेशन भी तैयार रखे गए। वाहनों की निर्बाध चार्जिंग के लिए कुल 91 ईवी चार्जिंग गन (नोजल) की व्यवस्था की गई।

रैली की तैयारियों के दौरान 16 और 17 जुलाई को लगभग 135 इलेक्ट्रिक बसों तथा आयोजन के दिन करीब 150 इलेक्ट्रिक कारों ने इन चार्जिंग सुविधाओं का उपयोग किया। इस पहल से न केवल पेट्रोल और डीजल की बचत हुई, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ परिवहन के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता भी सामने आई।

आयोजकों के अनुसार, जींद की यह रैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि हरित ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने का प्रभावी उदाहरण भी बनी। इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक उपयोग ने यह संदेश दिया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ आगे बढ़ सकते हैं तथा जनभागीदारी से स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य का निर्माण संभव है।

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