श्रीगंगानगर , अप्रैल 27 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले की जन समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।
सोमवार को जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में कलेक्टर डॉ. अमित यादव के न पहुंचने से नाराज कांग्रेस नेताओं ने डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद बैठक का बहिष्कार कर दिया और सभा स्थल से बाहर निकल गए।
जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक 15 दिन पहले तय हो चुकी थी। आज बैठक में कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदौरा, श्रीकरणपुर विधायक एवं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रूपिंदरसिंह कुन्नर, सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर सहित अन्य नेता बैठक में पहुंचे थे। विधायक रूपेंद्रसिंह रूबी ने बैठक में बताया कि उन्होंने कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से सूचना दी गई थी, फिर भी वह नहीं पहुंचे। जिला प्रमुख दूलाराम इंदलिया ने भी कलेक्टर की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई।
सांसद कुलदीप इंदौरा ने कहा कि कार्यक्रम पहले से तय था, फिर भी कलेक्टर नहीं आए। यह चिंता का विषय है। जिले की स्थिति काफी गंभीर है। लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं, किसानों की फसलें सूख रही हैं। अगर कलेक्टर बैठक में आते तो कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती थी, अधिकारियों को निर्देश मिलते और समस्याओं का समाधान संभव होता।
श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदरसिंह कुन्नर ने बताया कि उन्होंने खुद कलेक्टर से बैठक में आने का अनुरोध किया था, लेकिन वह नहीं आए। इससे जनता के मुद्दों पर गंभीरता की कमी साफ दिखती है। गेहूं खरीद, पानी की समस्या, नशा मुक्ति सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी। इस घटना ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कदम प्रशासन को स्पष्ट संदेश देता है कि जन समस्याओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस नाराजगी को लेकर क्या कदम उठाता है और लंबे समय से चली आ रही पानी, कृषि व अन्य समस्याओं के समाधान में कितनी तेजी दिखाता है।
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