पौड़ी , मई 14 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढवाल जिला कारागार में बंदियों के मानसिक एवं आत्मिक उत्थान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुरुवार को विशेष आध्यात्मिक एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम "आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन" के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित किया गया। इसमें आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की प्रशिक्षक कंचन जेठी ने बंदियों एवं कारागार स्टाफ को सकारात्मक जीवनशैली, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने योग, ध्यान एवं प्राणायाम के माध्यम से तनावमुक्त एवं अनुशासित जीवन जीने के उपाय बताए। साथ ही "श्वास नियंत्रण" की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास भी कराया गया।

इस अवसर पर जिला कारागार अधीक्षक कौशल कुमार ने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि योग, ध्यान और प्राणायाम जैसे कार्यक्रम बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उनमें सकारात्मक सोच एवं आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता के साथ योग एवं ध्यान सत्र में भाग लिया। कारागार परिसर में सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण देखने को मिला। कारागार प्रशासन ने इस पहल को बंदियों के सुधार, पुनर्वास एवं सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित