सुपौल , सितंबर 7 -- बिहार के सुपौल जिले में बाढ़ जैसी आपदा की गंभीर स्थिति के बीच जिलाधिकारी के फर्जी आदेश और हस्ताक्षर का अनुचित इस्तेमाल करने का मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय की सतर्कता से इस मामले का खुलासा हुआ और आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
जिले में आपदा प्रबंधन के अपर समाहर्ता तारिक अहमद ने यूनीवार्ता से बताया कि किशनपुर प्रखंड के सुकुमारपुर एवं सिसवा में बाढ़ और कटाव प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई संचालित करने तथा पॉलिथीन शीट और सूखा राशन उपलब्ध कराने के संबंध में अभिषेक यादव ने जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन दिया था। आवेदन का विषय सही था, लेकिन उसके ऊपर जिलाधिकारी के फर्जी आदेश और हस्ताक्षर अंकित कर उनका गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिलाधिकारी के हस्ताक्षर एवं आदेश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से बना लिए गए थे।
इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय से जारी सूचना में बताया गया कि जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में आवेदन की जांच के दौरान फर्जी आदेश और हस्ताक्षर का मामला अपर समाहर्त्ता, आपदा प्रबंधन श्री अहमद तथा सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की नजर में आया। जांच में जालसाजी का पता चलने के बाद आरोपी अभिषेक यादव, निवासी ग्राम सुकुमारपुर, वार्ड संख्या-12, पंचायत मौजहा, प्रखंड किशनपुर, को संबंधित आवेदन और फर्जी आदेश के साक्ष्यों के साथ पकड़ लिया गया।
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