देवरिया , सितंबर 01 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया में मंगलवार को बैठक में जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी ने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने और नहरों में ठेल तक पानी पहुंचाने पर जोर दिया।
आज यहां जल संसाधन से जुड़े विभागों जल निगम (ग्रामीण एवं शहरी), बाढ़ खंड, सिंचाई, लघु सिंचाई एवं नलकूप विभाग की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी श्री हुलगी ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कार्यों की नियमित निगरानी की जाय और अनावश्यक देरी न हो।
जल निगम की समीक्षा में उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों के रिस्टोरेशन में तेजी लाने को कहा ताकि आमजन को आवागमन में परेशानी न हो। पेयजल परियोजनाओं को भी समय से पूरा करने पर जोर दिया। बाढ़ खंड को जलस्तर व वर्षा के आंकड़े नियमित प्रदर्शित करने और बाढ़ व कटान से बचाव की तैयारियां समय से पूरी रखने के निर्देश दिये। सिंचाई विभाग को नहरों में टेल तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ब्लॉकवार स्थिति का विवरण रखने और सिल्ट सफाई कराने को कहा गया। बैठक में उन्होंने नलकूप विभाग को सभी राजकीय नलकूप क्रियाशील रखने, खराब नलकूपों को प्राथमिकता पर दुरुस्त करने और नए नलकूपों की स्थापना व मरम्मत का कार्य समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिये।
बैठक में भूजल प्रबंधन पर बताया गया कि उ.प्र. भूजल अधिनियम 2019 लागू है। पारदर्शिता के लिए http://upgwdonline.in पोर्टल विकसित है। नियमों के उल्लंघन पर धारा-39 के तहत प्रथम अपराध पर 2 से 5 लाख तक जुर्माना या 6 माह से 1 वर्ष तक कारावास, तथा पुनरावृत्ति पर प्राधिकार पत्र निरस्त कर दंड दोगुना करने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना 2026-27 में जनपद में उथले नलकूप के 2438, मध्यम गहरे नलकूप के 37 और पंपसेट व हौज के 137 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि जल संसाधन से जुड़ी योजनाएं किसानों व आमजन से सीधे जुड़ी हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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