मुंबई , अक्टूबर 16 -- जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को विश्लेषकों से 'सब्सक्राइब' रेटिंग मिली है यानी वे मानते हैं कि कंपनी के शेयर में आने वाले समय में तेजी रहेगी।
एमके रिसर्च ने 16 अक्टूबर को जारी अपने आईपीओ नोट में जियो आईपीओ को 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी की बाजार में अग्रणी स्थिति, उत्पाद मूल्य पर नियंत्रण, मजबूत क्रियान्वयन और आगे के विकास अवसरों को देखते हुए मौजूदा मूल्य दायरा वाजिब है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को कारोबार की समाप्ति के साथ बंद होगा। कंपनी ने आईपीओ के लिए मूल्य का दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया है। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने भी जियो आईपीओ को 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है। उसकी रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की कमाई के आधार पर ऊपरी प्राइस बैंड पर जियो का मूल्य आमदनी से 33.3 गुना है, जबकि भारती एयरटेल का 40.7 गुना है। यानी इस पैमाने पर स्वास्तिका एयरटेल के मुकाबले जियो को करीब 18 प्रतिशत कम वैल्यूएशन दे रही है।
विश्लेषकों के मुताबिक, जियो के लिए एक बड़ी राहत यह है कि 5जी नेटवर्क पर भारी निवेश का दौर अब काफी हद तक पूरा हो चुका है। एमके रिसर्च का कहना है कि वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच कंपनी का पूंजीगत खर्च राजस्व के 48.8 प्रतिशत से घटकर 23.3 फीसदी रह गया। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का मुक्त नकदी प्रवाह करीब 32,500 करोड़ रुपये रहा। रिपोर्ट का मानना है कि आगे बड़े निवेश की जरूरत घटने से जियो के पास ज्यादा नकदी बच सकती है।
जियो की भविष्य की योजनाओं को देखते हुए लंबी अवधि में बाजार विश्लेषकों की नजर सिर्फ मोबाइल कारोबार पर नहीं है। होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज, क्लाउड, एआई और अपनी प्रौद्योगिकी को विदेशी बाजारों में ले जाना अगले ग्रोथ ड्राइवर माने जा रहे हैं।
जियो के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का असर रिलायंस इंडस्ट्रीज पर भी दिखा है। जियो के आईपीओ का मूल्य दायरा सामने आने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 3.4 प्रतिशत चढ़ा।
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