जम्मू , अप्रैल 07 -- केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा में 'डॉप्लर वेदर रडार' स्थापित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य क्षेत्र में मौसम की पूर्वानुमान क्षमताओं को मजबूत करना और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को बेहतर बनाना है।

डॉ. सिंह ने डोडा में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा, "डॉप्लर वेदर रडार से मौसम की स्थिति की सटीक और वास्तविक समय में निगरानी संभव हो सकेगी। इससे शुरुआती चेतावनी प्रणाली में सुधार होगा और जिले में आपदा प्रबंधन के प्रयासों को बल मिलेगा।"जिला कार्यालय परिसर में आयोजित इस बैठक में सांसद सज्जाद अहमद किचलू, डोडा पश्चिम के विधायक शक्ति राज परिहार और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में जिले में चल रही केंद्र प्रायोजित योजनाओं और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

डॉ. सिंह ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कलोटा से हुम्बल तक लिंक रोड का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा ताकि स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान हो सके। उन्होंने बताया कि माता देदानी मंदिर तक जाने वाली सड़क के काम में भी तेजी लाई जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा हो और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले।

केंद्रीय मंत्री ने औषधीय और सुगंधित पौधों से संबंधित बुनियादी ढांचों की भी समीक्षा की। बैठक के दौरान तकनीकी अधिकारी डॉ. वाहीद ने बताया कि कोटली में औषधीय पौधों के लिए बना 'पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट', जिसमें मंडी और गोदाम शामिल हैं, मानव संसाधन की कमी के कारण पूरी तरह चालू नहीं हो पाया है।

इस पर मंत्री ने निर्देश दिया कि भद्रवाह स्थित 'हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन सेंटर' में स्थानीय उद्यमियों को निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी मॉडल) के तहत स्थान उपलब्ध कराया जाए।

डॉ. सिंह ने संसाधनों के कुशल उपयोग और बाधाओं को दूर करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकारी सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए विभागों और जन प्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया।

बैठक में छत्तरगला सुरंग परियोजना की प्रगति का भी जायजा लिया गया और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द जमा करने के निर्देश दिए गए।

सुधमहादेव सुरंग के काम रुकने की खबरों को गलत बताते हुए डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से पिछला टेंडर रद्द किया गया था और जल्द ही नया टेंडर जारी किया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा करते हुए उन्होंने केवी स्कूल जोधपुर में प्रधानाचार्य सहित खाली पड़े पदों को समय सीमा के भीतर भरने का निर्देश दिया।

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