नयी दिल्ली , अगस्त 2 -- प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में उझ बहुउद्देशीय परियोजना की स्थिति और इसके चरणबद्ध कार्यान्वयन के रोडमैप की समीक्षा की।

रविवार को जारी अधिकारी विज्ञापन के अनुसार डॉक्टर सिंह ने शक्ति मंत्रालय के तहत भारत सरकार के उपक्रम वापकोस लिमिटेड के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की, जिसे इस परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने परियोजना को तेजी से लागू करने पर जोर दिया ताकि इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजना का लाभ जल्द से जल्द लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने वापकोस को गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए नवीन समाधानों और कार्यान्वयन रणनीतियों पर विचार करने की सलाह दी।

विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में बताया गया कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। पूरी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के पूरा होने का इंतजार किए बिना, काम शुरू कर दिया जाएगा और साथ ही शेष भूमि का अधिग्रहण भी किया जाएगा। कार्यान्वयन एजेंसी परियोजना स्थल और संबंधित आवश्यकताओं पर भी काम कर रही है।

उझ नदी (जो रावी नदी की एक मुख्य सहायक नदी है) पर बनने वाले उझ मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट को लगभग 186 मेगावाट से 212 मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इससे जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा ज़िलों और पंजाब के पठानकोट और गुरदासपुर ज़िलों में लगभग 90,000 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट कठुआ ज़िले को पीने का पानी और उद्योगों के लिए पानी भी उपलब्ध कराएगा।

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