जालौन , मई 26 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जिला क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वयं सहायता समूहों के विस्तार, बैंक लिंकेज तथा लखपति दीदी योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है तथा स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने पात्र एवं अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 9,413 स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं, जिनसे 1,37,701 परिवारों को जोड़ा गया है। वहीं 986 ग्राम संगठन और 36 संकुल स्तरीय संघ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने समूहों को रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि और बैंक ऋण से शत-प्रतिशत आच्छादित करने के निर्देश दिए।
परिवार संतृप्तिकरण में कम प्रगति वाले माधौगढ़, नदीगांव, रामपुरा और जालौन विकास खंडों पर नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में सुधार लाने को कहा गया। लखपति दीदी योजना के तहत आगामी वर्षों में 41,526 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी ने महिलाओं को कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, सिलाई, सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकान, प्रेरणा कैंटीन एवं अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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