जालौन , जून 29 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिला में सोमवार को राज्य के लेखपाल संघ, तहसील जालौन इकाई ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
संघ के अध्यक्ष वैभव त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि एसडीएम के अमानवीय व्यवहार के कारण तहसील कर्मचारी तनाव, भय और अवसाद की स्थिति में कार्य करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें जनता के बीच अपमानित किया जाता है, बर्खास्तगी और प्राथमिकी की धमकी दी जाती है तथा उनकी समस्याओं को सुना भी नहीं जाता।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जनगणना कार्य के दौरान राजस्व निरीक्षक आशुतोष श्रीवास्तव को बार-बार बर्खास्तगी की धमकी दी गई, जबकि कार्यालय के राजस्व निरीक्षक प्रदीप कुमार के साथ भी अपर जिलाधिकारी के सामने अभद्र व्यवहार किया गया। महिला लेखपालों को भी बिना बात सुने चेंबर से बाहर कर देने का आरोप लगाया गया है।
संघ ने यह भी कहा कि स्थानांतरण आदेश जारी होने और अपर जिलाधिकारी द्वारा कार्यमुक्त करने के निर्देश के बावजूद पांच लेखपालों को अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया। वहीं समाधान दिवस के दौरान एक लेखपाल पर प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश से वह मानसिक तनाव में आ गया और उसने व्हाट्सएप ग्रुप में गलत कदम उठाने तक की बात लिखी, जिसके बाद साथियों ने उसे समझाया।
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