जालौन , मई 13 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में परिवहन विभाग ने पुराने स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। वरिष्ठ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सुरेश कुमार ने बुधवार को जिले के सभी विद्यालय संचालकों, प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर कहा कि जिन स्कूली वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी है, उनका तत्काल नवीनीकरण कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर नवीनीकरण नहीं कराने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सुरेश कुमार ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग अब उन स्कूली वाहनों पर विशेष निगरानी रखेगा, जो अपनी निर्धारित आयु सीमा अथवा मॉडल कंडीशन पूरी कर चुके हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित समय से अधिक पुराने वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार पुराने वाहन तकनीकी रूप से असुरक्षित होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी हानिकारक साबित हो रहे हैं। ऐसे वाहनों से स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

परिवहन विभाग ने सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे अपने विद्यालयों में संचालित वाहनों की तत्काल जांच कर लें तथा आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों का संचालन बंद करें। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा। जांच के दौरान यदि कोई पुराना अथवा मानकों के विपरीत संचालित स्कूली वाहन सड़क पर मिला तो उसे तत्काल सीज कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

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