जालौन , मई 21 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने 19 मई को अस्पताल परिसर में इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हुई मारपीट, धमकी एवं हिंसा की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. दीपांशु जोशी ने गुरुवार को कहा कि इस प्रकार की घटनाएं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और चिकित्सा सेवाओं की सुचारु व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डॉक्टरों के विरुद्ध हिंसा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों, जूनियर चिकित्सकों, इंटर्न्स तथा मेडिकल छात्रों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना था कि इमरजेंसी सेवाओं के दौरान ऐसी घटनाएं मरीजों के उपचार को प्रभावित करती हैं, जिससे पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार संस्थागत एफआईआर दर्ज करना, मुख्य आरोपियों गोपाल पुत्र बृज किशोर गुप्ता एवं बृज किशोर गुप्ता पुत्र हरिकिशोर गुप्ता की गिरफ्तारी, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा डॉक्टरों के विरुद्ध सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर की जा रही अभद्र टिप्पणियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करना शामिल है।
संगठन ने यह भी मांग की कि जिन पीड़ित डॉक्टरों के नाम अनुचित रूप से एफआईआर में शामिल किए गए हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। साथ ही अस्पताल परिसर के भीतर और बाहर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो चिकित्सा समुदाय लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।
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