जालंधर , मार्च 4 -- पंजाब के जालंधर में एक निजी अस्पताल के बाहर महिला मरीज और उसके परिजनों ने बुधवार को जमकर हंगामा किया और अस्पताल पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया।

पीड़ित महिला शीतल ने आरोप लगाया कि उसे रसौली (बच्चेदानी की मांसपेशियों में होने वाली गैर-कैंसरयुक्त गांठें)थी, लेकिन डॉक्टरों ने उसका डायलिसिस करना शुरू कर दिया। उसने बताया कि वह दो साल पहले यहां आई थी। महिला के कहा कि यहां डॉक्टरों ने उसे किडनी की समस्या बता दी। बाजू में डब्बी जैसा कुछ लगा दिया और डायलिसिस करना शुरू कर दिया। इसके बाद मां पर किडनी देने का दबाव डाला।

महिला ने कहा कि शक होने पर वह अस्पताल से छुट्टी लेकर चले गए। अब जगह-जगह भटक रहे हैं। बाकी अस्पतालों से टेस्ट करवाए तो किडनी ठीक निकलीं। लेकिन बाजू में डब्बी लगी होने के कारण कोई इलाज नहीं कर रहा है। उसने बताया कि उक्त अस्पताल के डॉक्टरों ने करीब आठ लाख रुपए ले लिए।

हंगामे के बाद पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शीतल ने बताया कि, "2024 में अस्पताल में दाखिल हुई थी। मेरा रसौली ऑपरेशन होना था, लेकिन डॉक्टर ने मेरा ऑपरेशन करने के बजाय डायलिसिस शुरू कर दिया।" उसने आरोप लगाया, "डॉक्टरों ने उसकी माता पर किडनी देने का दबाव बनाया। मेरी किडनी बिल्कुल सही थी। फिर भी उन्होंने कहा कि किडनी में समस्या है और हाथ में डायलिसिस के लिए 'डिब्बी' फिट कर दी। यहां तक कि उन्होंने मेरी मां पर भी दबाव बनाया कि वह अपनी किडनी मुझे दान कर दें और हमें धमकियां भी दी गईं।"शीतल ने कहा, "आज हम डॉक्टर से बात करने आए थे, लेकिन चार घंटे इंतजार कराने के बाद भी डॉक्टर न तो हमसे मिले और न ही हमारी बात सुनी। गलत इलाज और इस 'डिब्बी' (फिस्टुला) के कारण मैं पंजाब के 10 अन्य अस्पतालों के चक्कर लगा चुकी हूं। लेकिन कहीं भी मेरा इलाज नहीं हो पा रहा है। मैं बस इतना चाहती हूं कि मेरा सही ऑपरेशन हो और मैं ठीक हो सकूं। डॉक्टर ने हमें पूरी तरह गलत गाइड किया है।"शीतल की मां सौरन ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को केवल रसौली और पेशाब रुकने की समस्या थी, लेकिन जालंधर के सर्वोदया अस्पताल के डॉक्टर ने सात महीने तक गलत इलाज किया और किडनी खराब होने का झूठा दावा कर जबरन डायलिसिस का केस बना दिया।

अपराध-विरोधी और भ्रष्टाचार-विरोधी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरिंदर सिंह कैरों ने कहा कि यहां 2024 में एक लड़की का गलत इलाज किया गया। परिवार का दावा है डॉक्टर ने गलत इलाज किया और उसे बताया कि उसकी किडनी फैल हो गई है और जबरन डायलिसिस शुरू कर दिया, जिससे परिवार के आठ से 10 लाख रुपए खर्च हो गए और उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा।

उन्होंने कहा, "बाहर से जांच कराने पर पता चला कि किडनी में कोई खराबी नहीं थी और अब जब हम लोग इस मामले पर बात करने आए तो डॉक्टर ने समाधान के बजाय पुलिस बुला ली। संगठन ने मांग की है कि डॉक्टर सारा खर्च वापस करे और लड़की का सही इलाज कराए वरना, वे कल अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे।"बस्ती थाना के पुलिस अधिकारी विजय कुमार ने कहा कि लोगों की शिकायत पर वे अस्पताल के बाहर पहुंचे। यहां परिवार से मिले और उनकी बात सुनी। परिवार से शिकायत की कॉपी ले ली है। पुलिस मामले की जांच करेगी। अस्पताल की गलती निकलती तो बनती कार्रवाई की जाएगी।

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