बेंगलुरु , सितंबर 9 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने लोक निर्माण विभाग मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके सहयोगियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक से प्रेरित है और इसका मकसद एक उभरते हुए प्रमुख दलित नेता के बढ़ते प्रभाव को कम करना है।
गौरतलब है कि ईडी ने वित्तीय अनियमितताओं और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के संदिग्ध उल्लंघनों की जांच के सिलसिले में कर्नाटक और गोवा में कई स्थानों पर छापेमारी की है।
ईडी इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग एक पुरानी रणनीति बन चुका है। उन्होंने कहा कि श्री जारकीहोली एक प्रभावशाली दलित नेता हैं और भाजपा उनके बढ़ते कद और लोकप्रियता को पचा नहीं पा रही है। अपने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल उनके खिलाफ किया गया और उन्हें जेल भेजा गया, और अब अन्य कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने श्री जारकीहोली का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार और कांग्रेस संगठन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है। श्री जारकीहोली और उनके परिवार के विदेश में व्यापारिक निवेश से जुड़ी जांच पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या देश के नागरिकों को विदेश में व्यापार करने का अधिकार नहीं है या यह कोई अपराध है? उन्होंने श्री जारकीहोली को एक वरिष्ठ मंत्री, उद्योगपति और समाजसेवी बताते हुए कहा कि उन्हें इस जांच से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित