नयी दिल्ली , सितंबर 14 -- जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने हॉस्टल मेस में एक छात्र की दाल की कटोरी में गिरगिट मिलने के आरोप से जुड़ी घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है।
जामिया प्रशासन ने सोमवार को बताया कि जांच समिति सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच कर घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगायेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच में सरकारी जांच एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में हॉस्टल का एक छात्र अपनी दाल की कटोरी को मेस की मेज के नीचे ले जाता दिखायी देता है। इसके बाद छात्रों के एक समूह ने कथित तौर पर हंगामा किया और कटोरी में गिरगिट मिलने का आरोप लगाया। समिति घटना से पहले की परिस्थितियों, घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका एवं गतिविधियों की निष्पक्ष समीक्षा करेगी।
समिति को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गयी है कि घटना किसी जानबूझकर की गयी गड़बड़ी या विश्वविद्यालय के हॉस्टल मेस को बदनाम करने के प्रयास का हिस्सा थी या नहीं। प्रशासन ने कहा है कि यदि जांच में जानबूझकर की गयी गड़बड़ी, मनगढ़ंत तथ्य, गलत सूचना या किसी अन्य प्रकार का कदाचार सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जायेगी।
जामिया प्रशासन ने कहा कि उसके हॉस्टल मेस कई दशकों से छात्रों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं और भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की नियमित निगरानी हॉस्टल प्रशासन तथा छात्रों की मेस समितियों द्वारा की जाती है। प्रशासन के मुताबिक, एनसीआर के अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में जामिया के मेस शुल्क कम हैं और भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने के प्रयास किये जाते हैं।
विश्वविद्यालय ने पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए सभी हॉस्टल मेस और उनकी रसोई में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। प्रशासन के अनुसार, इस व्यवस्था से रसोई और मेस क्षेत्रों में भोजन तैयार करने, कैटरिंग तथा अन्य संबंधित गतिविधियों की 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी।
जामिया प्रशासन ने हॉस्टल के सामान्य कामकाज और शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर भी चिंता जतायी है। प्रशासन ने कहा कि निराधार आरोप, गलत जानकारी का प्रसार तथा बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर रील और वीडियो साझा करना विघटनकारी गतिविधियों की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में मौजूदा नियमों के तहत कार्रवाई की जायेगी।
विश्वविद्यालय ने छात्रों से बिना सत्यापन वाली सोशल मीडिया सामग्री, वीडियो और क्लिप साझा नहीं करने की अपील की है। जामिया ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता या हॉस्टल सुविधाओं से जुड़ी वास्तविक शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जायेगा। प्रशासन ने कहा कि छात्रों के लिए सुरक्षित, अनुकूल और सहयोगी वातावरण बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है तथा उनके शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जायेंगे।
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