श्रीनगर , मार्च 18 -- नेशनल कॉन्फ्रेंस ने श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर बंद किए जाने पर बुधवार को चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रार्थनाओं पर प्रतिबंध और मीरवाइज उमर फारूक पर जारी पाबंदियां जनभावनाओं को आहत करती हैं जिससे आपसी भरोसे में कमी होने का जोखिम हो सकता है।

गौरतलब है कि प्रशासन ने इस सप्ताह रमजान के आखिरी शुक्रवार यानी 'जुमत-उल-विदा' और रात भर चलने वाली 'शब-ए-कद्र' की प्रार्थनाओं के अवसर पर कश्मीर की इस भव्य मस्जिद में सामूहिक नमाज पर रोक लगा दी। यह लगातार सातवां वर्ष है, जब इस तरह की पाबंदियां लगायी गयी हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के कश्मीर प्रांतीय अध्यक्ष शौकत मीर ने जुमत-उल-विदा और शब-ए-कद्र के पवित्र अवसरों पर जामिया मस्जिद को बंद किए जाने पर गहरी चिंता जतायी है।

श्री मीर ने यहां जारी एक बयान में कहा कि ये अवसर मुस्लिम समुदाय के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक और भावनात्मक महत्व रखते हैं। उपासना के ऐसे केंद्रीय स्थान पर प्रार्थना करने पर रोक लगाने से श्रद्धालुओं में व्यापक निराशा और पीड़ा हुई है।

श्री मीरवाइज पर जारी पाबंदियों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर लोगों तक पहुंचने से रोकना बेचैनी की भावना को बढ़ाता है।

श्री मीर ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कदम भरोसे की कमी को पाटने के प्रयासों के लिए प्रतिकूल हैं और इनसे अलगाव की भावना और गहरी होने का खतरा है।

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