रांची , अप्रैल 04 -- झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत तारासठिया गांव में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को बिना किसी गिरफ्तारी के ही वापस लौटना पड़ा।

पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि जामताड़ा साइबर थाना की एक विशेष टीम सब-इंस्पेक्टर हीरालाल महतो के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर गांव पहुंची थी। पुलिस का उद्देश्य एक संदिग्ध साइबर अपराधी को पकड़ना था। लेकिन जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, मुस्ताक अंसारी के नेतृत्व में करीब 50 से 60 लोगों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई।

भीड़ में शामिल महिला और पुरुषों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम को चारों ओर से घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस व ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ का आक्रोश शांत नहीं हुआ।

स्थिति बिगड़ती देख और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीम ने पीछे हटने का फैसला लिया और बिना गिरफ्तारी के ही गांव से लौट गई। इस घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है।

इस संबंध में एसआई हीरालाल महतो ने नारायणपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने कांड संख्या 33/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुस्ताक अंसारी को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपित किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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