चंडीगढ़ , जून 19 -- जापान के टोक्यो में पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ है। महोत्सव के दौरान जापान की संसद (डाइट) के सदस्यों और प्रमुख राजनीतिक नेताओं को श्रीमद्भगवद्गीता की प्रतियां भेंट की गयीं, जिससे भारत-जापान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूती मिली।
यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार उद्घाटन अवसर पर लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता यासुतोशी निशिमुरा, उच्च सदन के सदस्य योशियो मोचिजुकी तथा निचले सदन से जुड़े अटलांटिक फ्लैट को गीता की प्रतियां भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता सम्पूर्ण मानवता के लिए जीवन प्रबंधन का कालजयी ग्रंथ है। यह कर्तव्यनिष्ठा, आत्मानुशासन, नेतृत्व क्षमता और संतुलित जीवन की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि तनाव और संघर्ष से भरे वर्तमान समय में गीता का संदेश शांति और आत्मविश्वास का मार्ग दिखाता है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव भारत की सांस्कृतिक पहचान का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। इसके माध्यम से विश्वभर में गीता अध्ययन, शोध और भारतीय दर्शन के प्रति रुचि बढ़ी है। उन्होंने बताया कि जापान हरियाणा का महत्वपूर्ण निवेश साझेदार भी है।
मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने बताया कि 2016 से शुरू हुआ यह महोत्सव अब वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले चुका है। पिछले वर्ष भारतीय मिशनों द्वारा 53 देशों में गीता आधारित कार्यक्रम आयोजित किये गये थे। जापान में यह महोत्सव 19 से 23 जून तक चलेगा।
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