चंडीगढ़ , जून 01 -- पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को कथित जातिसूचक टिप्पणी मामले में चार जून को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए तलब किया है। आयोग ने उन्हें इस मामले में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिये हैं।
आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने सोमवार को बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से यह मामला उनके संज्ञान में आया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि श्री बिट्टू ने धूरी दौरे के दौरान अनुसूचित जाति समुदाय के संबंध में आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पहले ही संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने हालांकि पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर असहमति जताई है और इसे संतोषजनक नहीं माना।
आयोग अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए श्री बिट्टू को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। आयोग चार जून को होने वाली सुनवाई के दौरान सभी तथ्यों और साक्ष्यों की समीक्षा करेगा। गौरतलब है कि हाल ही में धूरी में हुए एक विवाद के दौरान श्री बिट्टू की कथित टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले को लेकर अनुसूचित जाति समुदाय के विभिन्न संगठनों ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी। श्री बिट्टू पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं और कहा है कि यदि उनके किसी शब्द से एससी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
अब इस मामले में सभी की निगाहें चार जून को होने वाली आयोग की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां केंद्रीय मंत्री अपना पक्ष रखेंगे।
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