रायपुर , सितंबर 06 -- महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना भाऊ पटोले ने जातिगत जनगणना के मौजूदा प्रारूप को दोषपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार से इसे रद्द कर नयी प्रश्नावली तैयार करने की मांग की है।

श्री पटोले ने रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के राजीव भवन में संवाददाताओं से कहा कि जातिगत जनगणना में सवालों के बजाय प्रमाणित जातियों की सूची होनी चाहिए। मौजूदा व्यवस्था में एक ही जाति के अलग-अलग नाम, उपजातियां और वर्तनी दर्ज होने से आंकड़ों में विसंगतियां पैदा होने की आशंका है।

उन्होंने तेलंगाना और बिहार में अपनाई गई पद्धति के आधार पर राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और आम जनता से चर्चा के बाद नयी प्रश्नावली तैयार करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा प्रारूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी की वास्तविक तस्वीर सामने नहीं आ सकेगी। गलत आंकड़ों का सबसे अधिक नुकसान ओबीसी, ईबीसी और अन्य वंचित वर्गों को होगा।

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