हिसार , अगस्त 29 -- हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) के राष्ट्रीय संरक्षक प्रोफेसर संपत सिंह ने जाट समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियों के मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
श्री सिंह ने कहा कि उन्होंने 17 अगस्त को हिसार के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने उसी दिन उनकी शिकायत संख्या 750 के तहत दर्ज की थी। इसके बावजूद करीब दो सप्ताह बीतने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि शिकायत 11 अगस्त को पानीपत में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरियाणा भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता द्वारा जाट समुदाय के संबंध में की गई कथित टिप्पणियों को लेकर दी गई थी। उनके अनुसार, ये बयान समाचार चैनलों के साथ-साथ यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारित हुए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी बयान से किसी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं या सामाजिक तनाव पैदा होने की आशंका है तो पुलिस को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिकायत और कथित बयान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं, तो प्राथमिकी दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले में स्थिति स्पष्ट कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
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