जांजगीर-चांपा , अक्टूबर 26 -- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में उधार लिए गए 10 लाख रुपए वापस करने से बचने के लिए शराब में कथित रूप से जहरीला पदार्थ मिलाकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक पार्षद और निजी क्लिनिक संचालक की हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। दोनों की बिलासपुर के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस से आज प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना पामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पनगांव की है। मृतकों की पहचान बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े (55 साल) और निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे (52 साल) के रूप में हुई है। दोनों पनगांव के निवासी थे। मामले में कमलनाथ खरे उर्फ राजा को मुख्य आरोपी बताया गया है, जबकि घटना के दौरान उसका दोस्त मुकेश कश्यप भी मौजूद था।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कमलनाथ खरे ने करीब 4 महीने पहले घरेलू कार्य के लिए जोहितराम खरे से 10 लाख रुपए उधार लिए थे। निर्धारित समय पर रकम वापस नहीं मिलने के कारण जोहितराम लगातार पैसे लौटाने की मांग कर रहे थे। आरोप है कि इसी बात से परेशान होकर कमलनाथ ने रकम वापस करने के बजाय उनकी हत्या की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को कमलनाथ ने जोहितराम को शराब पीने के लिए बुलाया था। उसने पहले से अंग्रेजी शराब की तीन बोतलें खरीदकर रखी थीं। इनमें से एक बोतल उसने मुकेश कश्यप के साथ पी, जबकि दूसरी बोतल मुकेश को दे दी। इसी दौरान जोहितराम के साथ बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े भी वहां पहुंच गए।

आरोप है कि कमलनाथ ने तीसरी बोतल में पहले से सुहागा यानी बोरेक्स पाउडर मिलाकर रखा था। उसने यह बोतल जोहितराम और रामखिलावन को पीने के लिए दे दी। चारों कुछ देर तक साथ बैठे और शराब का सेवन किया। इसके बाद कमलनाथ और मुकेश वहां से चले गए, जबकि जोहितराम और रामखिलावन ने बची हुई शराब भी पी ली।

बताया गया है कि शराब पीने के बाद घर पहुंचे दोनों व्यक्तियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। हालत गंभीर होने पर परिजन दोनों को पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया।

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