अमृतसर , जून 01 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को शिरोमणि कमेटी अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के अनुसार जांच में सहयोग कर रही है, लेकिन सहयोग केवल 328 पावन स्वरूपों से जुड़े मामले तक ही सीमित रहेगा।
एडवोकेट धामी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग और जांच एजेंसियां जानबूझकर सिख संस्थाओं की छवि खराब करने के लिए भ्रामक बयानबाजी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी पूरी पारदर्शिता के साथ जांच में सहयोग कर रही है, लेकिन इस मामले से बाहर की किसी भी जानकारी को एसआईटी के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
एडवोकेट धामी की अध्यक्षता में आज एसजीपीसी की अंतरिम समिति की बैठक मुख्य कार्यालय अमृतसर में आयोजित की गयी। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों पर चर्चा की गयी तथा बाबा बकाला साहिब में आयोजित विशाल पंथक सम्मेलन में शामिल हुई सिख संगतों और संगठनों के प्रति विशेष धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया।
मीडिया से बातचीत करते हुए एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पारित 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026' को लेकर उठे विवादों के संबंध में बाबा बकाला साहिब में आयोजित पंथक सम्मेलन में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं और बड़ी संख्या में संगतों ने भाग लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं। उन्होंने बताया कि अंतरिम समिति ने सम्मेलन में शामिल सभी पंथक जत्थेबंदियों, दामदमी टकसाल, निहंग सिंह दलों, सिंह सभाओं, दीवानों, सिख फेडरेशनों, समाजिक संस्थाओं, उदासी और निर्मला संप्रदायों, कारसेवा से जुड़े महापुरुषों, गुरुद्वारा कमेटियों, ग्रंथी सिंहों, अखंड पाठी सिंहों, सिख विद्वानों और संगतों का विशेष धन्यवाद किया है। साथ ही सम्मेलन की सफलता के लिए शिरोमणि कमेटी के अधिकारियों, प्रचारकों, ढाडी और कविशरी जत्थों तथा कर्मचारियों की भी सराहना की गयी।
श्री धामी ने बताया कि अंतरिम समिति ने जलालाबाद के निकट गांव बारेके में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के एक पावन स्वरूप के अग्निकांड में नष्ट होने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। समिति ने संगतों से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए गुरुद्वारों में चौबीस घंटे निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने और बिजली उपकरणों की समय-समय पर जांच एवं रखरखाव के लिए विशेष प्रबंध करने को कहा है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए प्रबंधन समितियों और संगतों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
बैठक में शिरोमणि कमेटी के कर्मचारियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा शिरोमणि कमेटी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हरिंदर सिंह तरन तारणी के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।
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