सागर , सितंबर 08 -- मध्यप्रदेश में सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में जहरीली-अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों को लेकर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे आंकड़ों में अंतर बना हुआ है। जिला प्रशासन ने सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दो दिन में 13 मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की ओर से मृतकों की संख्या 25 से अधिक बताए जाने की जानकारी सामने आई है।
जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर 13 मौतों की पुष्टि हुई है। छह गंभीर मरीज ऑब्जरवेशन में हैं और क्रिटिकल केयर में उनका उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में हुई मौतों का कारण केवल शराब नहीं है, बल्कि कार्डियक सहित अन्य कारण भी सामने आए हैं।
इस बीच उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को बंडा क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा किया। श्री शुक्ल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ कर रही है।
पुलिस ने बंडा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा करीब 225 लीटर अवैध शराब बरामद करने की जानकारी दी है। वहीं जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रियल जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जैसीनगर को नियुक्त किया है।
दूसरी ओर, ललितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने वीडियो जारी कर सागर पुलिस पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंडा क्षेत्र में जहरीली-अवैध शराब से प्रभावित लोगों के मामले में ललितपुर की शराब गैंग को जिम्मेदार ठहराया जाना सही नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बंडा में पत्रकारों से चर्चा में प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है और सरकार इस पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रही है। उन्होंने शराबबंदी लागू करने की मांग करते हुए कहा कि बंडा क्षेत्र में कई परिवारों में मातम पसरा है और सरकार को पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
स्थानीय स्तर पर सोमवार को विभिन्न गांवों में नौ और लोगों की शराब सेवन से मौत की जानकारी सामने आई। इनमें महेश रावत धुरमार, कैलाश पिता मुन्ना अहिरवार और श्यामबाई अहिरवार छापरी, कृष्ण कुमार लोधी पापेट, राम पिता गजराज लोधी पाटन, नीलू पिता रघुवंशी लोधी और भगवान पिता विजय सिंह लोधी गूगरा खुर्द, सचिन पिता थान सिंह लोधी गूगरा खुर्द तथा राम प्रसाद पिता गोविंद लोधी बमूरा भेड़ा शामिल बताए गए हैं। हालांकि इन मौतों की आधिकारिक तौर पर शराब सेवन से होने की पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए आंकड़ों में दूसरे दिन तक पाटन में दो, हिनौता में एक, छापरी में तीन, बमूरा भेड़ा में पांच, नौराज में पांच, गूगर में पांच, रवारा में एक, पापेट में एक, खटौरा कला में एक और दलपतपुर में एक मौत होने का दावा किया गया है।
घटना को लेकर ग्रामीणों में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था और समय रहते कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी त्रासदी को रोका जा सकता था।
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