नैनीताल , अप्रैल 13 -- उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर मनाए जा रहे जश्न को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र के वरिष्ठ नेताओं गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के प्रदेश दौरे का स्वागत है, लेकिन इस जश्न के शोर में जनता के असली मुद्दे दबाए नहीं जा सकते है।
श्री यशपाल आर्य ने सवाल उठाया कि आखिर यह जश्न किस बात का है-क्या बेरोजगारी, महंगाई, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, पलायन या कानून व्यवस्था की विफलता का? उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार से जानना चाहती है कि चार वर्षों में उसे वास्तव में क्या मिला।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन राहत के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए, यह स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश का युवा बेरोजगारी, भर्ती घोटालों और पेपर लीक से परेशान है। सरकार बताए कि कितनी स्थायी नौकरियां दी गईं और कितने युवाओं का भविष्य इन घोटालों की भेंट चढ़ा।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अस्पताल डॉक्टर, दवाओं और उपकरणों के अभाव में जूझ रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षक और संसाधनों की भारी कमी है।
श्री आर्य ने पलायन के मुद्दे पर कहा कि गांव खाली हो रहे हैं और पहाड़ वीरान होते जा रहे हैं, लेकिन सरकार के पास इसे रोकने के लिए ठोस नीति और रोडमैप नहीं है। कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अपराध बढ़ रहे हैं, महिलाओं की सुरक्षा चिंता का विषय है, जबकि भ्रष्टाचार के मामलों में ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती।
उन्होंने आपदा प्रबंधन को लेकर कहा कि आपदा प्रभावित आज भी स्थायी पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार हर साल मुआवजे की घोषणा करती है, लेकिन दीर्घकालिक रोकथाम और पूर्व चेतावनी तंत्र पर काम नहीं हो रहा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता अब ''इवेंट मैनेजमेंट'' की राजनीति से ऊब चुकी है। यदि सरकार के पास वास्तविक उपलब्धियां हैं तो वह मंच से आंकड़े पेश करे, अन्यथा यह जश्न जनभावनाओं के साथ मजाक है।
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