रायपुर , अगस्त 06 -- प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जिला डाटा प्रबंधक निरंजन प्रसाद गुप्ता निक्षय मित्र के रूप में 60 टीबी मरीजों को नियमित पोषण सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। इनमें विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) समुदाय के 19 मरीज भी शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीबी के उपचार में दवाओं के साथ पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए उपचार के दौरान पर्याप्त पोषण की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में निक्षय मित्र मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनका मनोबल भी बढ़ाते हैं।

अक्टूबर 2024 से निक्षय मित्र के रूप में कार्य कर रहे निरंजन प्रसाद गुप्ता ने जशपुर के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के टीबी मरीजों तक नियमित रूप से पोषण सामग्री पहुंचाने के साथ स्वास्थ्य परामर्श भी दिया है। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों को टीबी के लक्षण, नियमित दवा सेवन, संक्रमण से बचाव तथा उपचार पूरा करने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस सतत प्रयास से समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है और मरीजों की उपचार से जुड़े रहने की प्रवृत्ति में सुधार आया है। टीबी और कुपोषण के दुष्चक्र को तोड़ने में पोषण सहायता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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