जशपुर , अगस्त 31 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के केरसई में प्रसव के बाद कॉपर-टी लगाए जाने के पश्चात महिला की तबीयत बिगड़ने और करीब एक माह तक विभिन्न अस्पतालों में उपचार के बाद उसकी मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केरसई के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार केरसई निवासी प्रफुल्ला हंसड़ा का प्रसव 29 जुलाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केरसई में हुआ था। परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद स्वास्थ्य केंद्र में महिला को कॉपर-टी लगाया गया था। कुछ दिनों बाद उसे तेज दर्द होने लगा, जिसके बाद परिजन उसे दोबारा स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे और कॉपर-टी निकालने का आग्रह किया।

परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। महिला की हालत बिगड़ने पर उसे कुनकुरी के हॉलीक्रॉस अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद महिला को रायगढ़ ले जाया गया। परिजनों का दावा है कि वहां ऑपरेशन कर कॉपर-टी निकाला गया।

महिला की स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे उपचार के लिए ओडिशा के सुंदरगढ़, बुरला और बाद में कटक ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक कटक में उपचार के दौरान 30 अगस्त की रात करीब आठ बजे उसकी मौत हो गई।

महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर केरसई स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और अस्पताल परिसर में शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों और कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर तहसीलदार, एसडीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।

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