जशपुर , मार्च 11 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों के बीच एक संवेदनशील मामला सामने आया है। पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बूढ़ाडाँड़ में एक जंगली हाथी आज दर्द से तड़पता हुआ जमीन पर गिरा मिला। हाथी की हालत देखकर ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर उपचार की व्यवस्था में जुट गई।

बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार यह हाथी पड़ोसी रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र की ओर से भटकते हुए पत्थलगांव क्षेत्र में पहुंचा था। गांव के लोगों ने जब हाथी को कराहते हुए जमीन पर पड़ा देखा तो स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पशु चिकित्सकों को बुलाकर हाथी की जांच कराई।

पशु चिकित्सकों की प्रारंभिक जांच में हाथी के पेट में दर्द होने की आशंका जताई गई है। इसके बाद मौके पर ही उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम हाथी की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और उसे पूरी तरह स्वस्थ करने का प्रयास किया जा रहा है।

पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अधिकारी कृपा सिंधु पैंकरा ने बताया कि हाथी की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। उपचार जारी है और जैसे ही हाथी पूरी तरह स्वस्थ होगा, उसे सुरक्षित रूप से जंगल में वापस भेजने की व्यवस्था की जाएगी ताकि वह अपने झुंड में शामिल हो सके।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले में इन दिनों जंगली हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। पत्थलगांव वन परिक्षेत्र सहित कई ग्रामीण इलाकों में हाथियों के दल रिहायशी क्षेत्रों के आसपास देखे जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कई स्थानों पर हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने और मकानों को क्षति पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। हाल के समय में जिले में 30 से अधिक हाथियों के दलों की मौजूदगी दर्ज की गई है।

वन विभाग का कहना है कि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और हाथियों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

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