जशपुर , सितंबर 19 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी वन परिक्षेत्र में दल से बिछड़े एक हाथी के हमले में 81 वर्षीय महिला की मौत हो गई। जिले के अलग-अलग वन परिक्षेत्रों में वर्तमान में कुल 34 हाथी विचरण कर रहे हैं जिसके मद्देनजर वन विभाग ने 24 गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है।

वन विभाग से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार कुनकुरी वन परिक्षेत्र के ग्राम गड़ाकाटा की राझाडीपा बस्ती में शुक्रवार की रात करीब दो बजे हाथी ने एक मकान पर हमला कर दिया। घटना में कंचन बाई (81) की मौत हो गई। वह रांझाडीपा में अपनी बेटी रेणुका और दामाद के साथ रहती थी।

बताया गया कि कंचन बाई का मकान बस्ती के किनारे जंगल से लगा हुआ है। हाथी के मकान पर हमला करने के बाद छप्पर के खपरे गिरने लगे और दीवार में दरार आने के बाद उसका एक हिस्सा गिर गया। इससे घर में मौजूद सभी पांच सदस्यों की नींद खुल गई। कंचन बाई की बेटी और दामाद अपने दोनों बच्चों के साथ पिछले दरवाजे से निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे। उन्होंने कंचन बाई को भी वहां से निकलने के लिए कहा, लेकिन वृद्धावस्था के कारण वह तेजी से नहीं भाग सकीं।

घर से बाहर निकलने के दौरान कंचन बाई का सामना हाथी से हो गया। हाथी ने उन्हें सूंढ़ से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

कुनकुरी रेंजर के अनुसार मृतिका के परिवार वालों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए प्रदान किए गए हैं। महिला पर हमला करने वाला हाथी बीते डेढ़ माह से कुनकुरी वन परिक्षेत्र के जंगल में घूम रहा है और अपने दल से बिछड़ा हुआ है।

वन विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले में कुल 34 हाथी अलग-अलग वन परिक्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। इनमें 30 हाथियों का बड़ा दल तपकरा वन परिक्षेत्र में मौजूद है। यह दल तीन दिन पहले ही ओडिशा से पहुंचा है। इस दल का नाम शांति दल है और इसके सरगुजा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा दो हाथी तपकरा वन परिक्षेत्र के हाथीबेड में हैं। इस दल के ओडिशा की ओर निकलने की संभावना है और दल का आगमन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से हुआ है।

वन विभाग के अनुसार जिले में दो लोनर हाथियों की मौजूदगी विशेष चिंता का कारण बनी हुई है। इनमें एक लोनर कांसाबेल वन परिक्षेत्र के चोंगरीबहार इलाके में है, जबकि दूसरा कुनकुरी वन परिक्षेत्र के गड़ाकाटा इलाके में विचरण कर रहा है।

जिले में 34 हाथियों की मौजूदगी के कारण कुल 24 गांव प्रभावित हैं। वन विभाग ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों के जंगल जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।

कुनकुरी वन परिक्षेत्र के खारीबहार, बरांगजोर, ठेठेटांगर, दमगड़ा, कुंजारा, श्रीटोली और पंडरीपानी गांव को अलर्ट मोड पर रखा गया है। तपकरा वन परिक्षेत्र में 30 हाथियों की मौजूदगी के मद्देनजर खारीबहार, जुनवाइन, पेरवारा, कोरंगामाल और कदलीमुंडा गांव में अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं हाथीबेड में दो हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्राम तेलाइन, कुम्हारबुड़ा, हाथीबेड, माटीपहाड़छर्रा, कोल्हेनझरिया, जोरंडाझरिया, जामटोली और डागबंदी गांव में भी ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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