जशपुर , जून 01 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिला तिलासो कोरवा की सक्रिय भागीदारी और मतदाताओं के व्यापक समर्थन के कारण जशपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र सन्ना में संपन्न वार्ड पंच उपचुनाव स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

विशेष संरक्षित पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय को देश के सबसे संवेदनशील एवं विकास की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण जनजातीय समूहों में गिना जाता है। ऐसे समुदाय की एक महिला का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेना सामाजिक बदलाव तथा बढ़ती राजनीतिक जागरूकता का संकेत माना जा रहा है।

वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्रकाश पांडेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से महिलाओं तथा विशेष रूप से जनजातीय समुदायों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। सन्ना क्षेत्र में संपन्न यह उपचुनाव भी इस बात का उदाहरण है कि लोकतंत्र की जड़ें अब दूरस्थ वनांचलों तक और अधिक मजबूत हो रही हैं।

निर्वाचन प्रक्रिया के तहत सन्ना उपचुनाव के मतदान केंद्र क्रमांक 62 एवं 63 की मतगणना में तिलासो कोरवा को 145 मत तथा उनकी प्रतिद्वंद्वी पूर्णिमा भगत को 39 मत प्राप्त हुए हैं। अभ्यर्थियों को प्राप्त मतों का विवरण युक्त गणना पत्रक उपलब्ध करा दिया गया है।

एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारी प्रदीप राठिया ने बताया कि मतों के सारणीकरण तथा अभिलेखों के अंतिम मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा विधिवत परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद ही अधिकृत घोषणा की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि यह उपचुनाव केवल एक निर्वाचन प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विशेष पिछड़ी जनजातियों, महिलाओं तथा दूरस्थ ग्रामीण समुदायों की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।

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