गिरिडीह , मार्च 22 -- झारखंड के नगर विकास, खेल औऱ पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने विश्व जल दिवस के अवसर पर जिले में जल महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित किया।
श्री कुमार ने जल संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर व्यापक जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में जल संकट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, ऐसे में हमें जल के महत्व को समझते हुए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है।
श्री कुमार ने जल सहिया बहनों और मुखिया को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी गांवों में जल संरक्षण के सच्चे प्रहरी हैं और आपके प्रयासों से ही लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल संरक्षण और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आगे उन्होंने जल सहिया बहनों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गांव-गांव जाकर लोगों को पानी बचाने, स्वच्छता बनाए रखने और जल स्रोतों को संरक्षित करने के लिए प्रेरित करना एक सराहनीय कार्य है।
श्री कुमार ने सभी से अपील किया कि जल का उपयोग सोच-समझकर करें, वर्षा जल संचयन को अपनाएं और जल बर्बादी को रोकें। उन्होंने कहा कि यदि आज हम जल को बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य मिलेगा। अंत में मंत्री ने सभी जल सहिया बहनों और मुखिया को धन्यवाद दिया कि उनके सक्रिय भागीदारी से आज हम सभी जल संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य कर रहे हैं।
श्री कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम में जल सहिया बहनों के सुझाव को भी लिपिपत्र किया जाय और संबंधित विभाग के माध्यम से मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को भेजा जाय। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में जल सहिया बहनों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर हमें गर्व और गौरव महसूस करने की आवश्यकता है। मंत्री ने सभी को विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बगोदर विधायक, नागेन्द्र महतों ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल सहिया बहनें जिस तरह से लोगों को जागरूक कर रही हैं, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। श्री महतो ने कहा कि जल बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकार या प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की है। विधायक महोदय ने कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में पानी का सही उपयोग करना चाहिए और अनावश्यक जल बर्बादी को रोकना चाहिए।
जिला परिषद अध्यक्ष, मुनिया देवी ने कहा कि जल महोत्सव जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर जल संरक्षण के लिए तालाबों का जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों की सफाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
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