भोपाल , जून 30 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास हुआ है। पूर्वजों द्वारा निर्मित जल संरचनाओं का संरक्षण और संवर्धन करना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है। अल नीनो के प्रभाव के कारण कम वर्षा की आशंका को देखते हुए प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन का अभियान निरंतर जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गत 19 मार्च से लगभग 100 दिनों तक चले अभियान के दौरान प्रदेश में 10 हजार 514 करोड़ रुपये की लागत से तीन लाख 62 हजार से अधिक जल संवर्धन कार्य पूरे किए गए हैं। इन कार्यों में जनभागीदारी और जनसहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कार्यक्रम में 252 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत के 31 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया तथा भैंसवा माता क्षेत्र के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने तथा उद्यानिकी एवं कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही है।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 को भव्य और दिव्य बनाने के लिए उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास कार्य किए जा रहे हैं, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने गंगा पूजन, गौ-पूजन तथा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत बेलपत्र का पौधा भी रोपा। इस अवसर पर उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा अभियान पर आधारित पुस्तिका, पर्यटन फिल्म, कॉफी टेबल बुक और सोशल मीडिया मंचों का भी लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को 21 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता और हितलाभ वितरित किए। इनमें स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण, कामधेनु योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, पीएम स्वनिधि तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी शामिल रहे। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्य मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद रोडमल नागर सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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