नयी दिल्ली , जून 01 -- देश में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने, जलवायु परिवर्तन से बढ़ती चुनौतियों का सामना करने और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन के लिए अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक प्रौद्योगिकी तथा जनभागीदारी पर आधारित राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया गया है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार, इसके अंतर्गत जल क्षेत्र में मिशन मोड में अनुसंधान को बढ़ावा देने, स्टार्टअप एवं उद्योग जगत की भागीदारी बढ़ाने, अंतरिक्ष एवं भू-स्थानिक तकनीक के उपयोग को विस्तार देने तथा वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित जल शासन को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया है।
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सोमवार को आयोजित जल अनुसंधान एवं विकास पर राष्ट्रीय कार्यशाला में सरकार, शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और अन्य क्षेत्रों के 500 से अधिक विशेषज्ञों एवं हितधारकों ने जल सुरक्षा, भूजल संरक्षण, पेयजल उपलब्धता, बाढ़ एवं सूखा प्रबंधन, जल गुणवत्ता और जलवायु अनुकूलन से जुड़े सभी मुद्दों पर व्यापक मंथन कर भविष्य की चुनौतियों के हिसाब से अनुसंधान तथा प्राथमिकताओं पर विचार विमर्श किया गया।
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