नयी दिल्ली , अगस्त 28 -- केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति संकट समझने और इनके समाधान के लिए छात्रों की भागीदारी बढ़ाने में राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों से स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को पहल से जोड़ने का आग्रह किया है।

मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अनुसार पहल के तहत जल जीवन मिशन 2.0 के कार्यों और ग्रामीण जलापूर्ति की बेहतर कार्यप्रणालियों का अध्ययन करने, जलापूर्ति योजनाओं, जल शोधन संयंत्रों, जल परीक्षण प्रयोगशालाओं और आधुनिक तकनीकों से छात्रों को परिचित कराया जायेगा। इसके तहत राज्यों से प्रत्येक जिले में कम से कम एक छात्र भ्रमण और एक बेहतर कार्यप्रणाली की केस स्टडी प्रकाशित कराने का लक्ष्य रखा गया है।

विभाग ने कहा है कि इस पहल से छात्रों को जलापूर्ति योजनाओं के अध्ययन और भ्रमण से जोड़ने से उन्हें स्थानीय स्तर पर जलापूर्ति की चुनौतियों और उनके समाधान तथा जल जीवन मिशन के कार्यों को समझने का अवसर मिलेगा तथा मिशन के तहत अपनायी जा रही बेहतर कार्यप्रणालियों का दस्तावेजीकरण कर उन्हें अन्य क्षेत्रों में दोहराने में मदद मिलेगी।

राज्यों से विद्यार्थियों के लिए बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं, जल शोधन संयंत्रों, जल ग्रहण कुओं, स्काडा-आईओटी जैसी आधुनिक तकनीकों और मान्यता प्राप्त जल परीक्षण प्रयोगशालाओं के भ्रमण आयोजित करने को कहा गया है। कार्यक्रम के तहत स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से कम से कम एक बेहतर कार्यप्रणाली की केस स्टडी को प्रकाशित करने का भी आग्रह किया गया है।

विभाग में सितंबर के अंत तक प्रत्येक जिले में कम से कम एक छात्र भ्रमण और एक केस स्टडी प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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