भरतपुर , अप्रैल 30 -- राजस्थान में करौली जिले में वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर एक और दो मई तक 24 घंटे की जलस्रोत पद्धति से विशेष वन्यजीव गणना अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
वन विभाग के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि गणना के समय में बदलाव करते हुए अब यह गणना शाम पांचबजे से अगले दिन शाम पांच बजे तक चलेगी। जिले की सभी छह वन रेंजों के जल स्रोतों पर कर्मचारी वन्यजीवों की गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करेंगे। कुल 27 से अधिक जल स्रोतों पर यह अभियान चलेगा।
सूत्रों ने बताया कि वन्यजीव गणना के लिए करौली, हिण्डौन, मासलपुर, मण्डरायल, गुढ़ाचन्द्रजी और सपोटरा रेंज में बिंदु निर्धारित किये गये हैं। इनमें करौली और हिण्डौन में पांच-पांच, मासलपुर में तीन, मण्डरायल में चार, गुढ़ाचन्द्रजी में पांच और सपोटरा रेंज में पांच बिंदु शामिल हैं। करीब 80 कर्मचारियों को दो पारियों में ड्यूटी पर लगाया गया है।
सूत्रों ने बताया कि गणना के लिए गुढ़ाचन्द्रजी रेंज के गिदानी तलाई, सोण की डूंगरी, आमकाजाहिर माताजीका बाग, बीजलवाड़ा तलाई और विशनसमंद बांध जैसे स्थानों को शामिल किया गया है। सपोटरा रेंज में सैमरा मोरल, भरतून कुण्डा, बनी देवी, कालीसिल बांध और कालीसिल नदी पर भी गणना होगी। हिण्डौन रेंज के जगर बांध, बुगलादह, जेवर हनुमान मंदिर, मासलपुर रेंज के लैदोर बांध, रूंधपुरा और रछेड़ तालाब और करौली रेंज के रणगमा तालाब, पांचना और मामचारी बांध सहित अन्य जल स्रोतों पर भी यह अभियान चलेगा।
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