संजय कौशिक सेमोतिहारी , मई 24 -- जलवायु परिवर्तन और उसके चलते बढ़ते तापमान से बिहार का पूर्वी चंपारण जिला भी बेखबर नही है और इस बार बढती हुई भीषण गर्मी और उमस ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
जिले में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। शनिवार को इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहने के बावजूद पर्यावरण संबंधी परेशानियों के चलते लोगों ने 'रियलफील' उससे ज्यादा महसूस किया। जिले में तेज धूप, उमस भरी गर्मी और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष इसी दिन जिले का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। इस बार तापमान में करीब 7 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो मौसम में असामान्य बदलाव की ओर संकेत कर रही है।
पूर्वी चंपारण जिले में भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए जिला दंडाधिकारी सौरभ जोरवाल ने शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन को लेकर विशेष आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार 25 मई 2026 से 31 मई 2026 तक जिले के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में कक्षा 12वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियां पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे के बीच संचालित नहीं होंगी। हालांकि परीक्षा एवं विशेष कक्षाओं के संचालन को इस आदेश से मुक्त रखा गया है।
हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर जलवायु परिवर्तन के खतरों से बिहार की जनता को अवगत कराया और कहा कि सरकार इसे नियंत्रित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है तथा नागरिकों को भी अपने लाइफस्टाइल बदलने के साथ वाहन प्रयोग में कमी ला कर सरकार की इस मुहिम में शामिल होना चाहिए। उपमुख्यमंत्री का यह संदेश पूवी चंपारण की जनता तक भी पहुंच गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित