तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 18 -- केरलम सरकार कृषि क्षेत्र के सामने आ रही नई चुनौतियों से निपटने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, जलवायु सहनशीलता को मजबूत करने और कृषि उत्पादों के लिए बाजार के अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से अपनी कृषि नीति में समयबद्ध संशोधन पर विचार कर रही है।
राज्य के कृषि मंत्री टी सिद्दीकी ने कहा है कि सरकार कृषि क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के अनुरूप इस नीति को अद्यतन करने की आवश्यकता की समीक्षा कर रही है।
मंत्री ने बताया कि यह नीति मूल रूप से 1992 में तैयार की गई थी और इसमें आखिरी बार 2015 में संशोधन किया गया था। प्रस्तावित समीक्षा के तहत बागान भूमियों पर विविधतापूर्ण फसलों की खेती को आसान बनाने और कृषि पर्यटन समेत कृषि-आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए भूमि-उपयोग पद्धतियों में बदलावों का अध्ययन किया जाएगा।
खेती पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को देखते हुए जल संरक्षण उपायों को मजबूत करना, जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान के मुआवजे में वृद्धि करना आवश्यक हो गया है। नीति समीक्षा के दौरान कृषि विपणन नेटवर्क को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
सरकार जंगली जानवरों के हमलों से फसलों और किसानों की सुरक्षा मजबूत करने तथा कृषि क्षेत्र में महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि 'केरल ब्रांड' पहल के माध्यम से राज्य के कृषि उत्पादों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े बाजार तैयार करना भी इस प्रस्तावित संशोधन का एक प्रमुख उद्देश्य है।
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