नयी दिल्ली , जून 17 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के एवियन में जी- 7 शिखर सम्मेलन से इतर जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से मुलाकात की जिसमें दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, हरित और सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और आवागमन संबंधी सुविधाएं मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

श्री मोदी जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस की यात्रा पर हैं। मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि चांसलर मर्ज के साथ उनकी बातचीत सार्थक रही। उन्होंने कहा ," चांसलर मर्ज़ के साथ बातचीत बहुत लाभदायक रही। हमने व्यापार, निवेश, चक्रीय अर्थव्यवस्था, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और दूसरे क्षेत्रों में मिलकर काम करके आपसी सहयोग को और मज़बूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की। हमने इस बारे में भी बात की कि हम अपने देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को कैसे मज़बूत कर सकते हैं।"विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात है। इसमें उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में आई तेजी पर संतोष व्यक्त किया।

भारत और जर्मनी इस वर्ष राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, इसलिए दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, हरित और सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और आवागमन संबंधी सुविधाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर हस्ताक्षर करने और जर्मनी से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीज़ा छूट को लागू करने का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष शामिल हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए बनी सहमति का भी स्वागत किया।

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