फ्रैंकफर्ट , नवंबर 01, -- जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में 'जेन जेड रेगेल्ट' नामक समूह द्वारा आयोजित देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हथियारों की एक दुकान की खिड़की तोड़ने की कोशिश की। यह प्रदर्शन स्कूलों को कम राशि मिलने, शिक्षा, सामाजिक सेवाओं, संस्कृति और स्वास्थ्य सेवा में कटौती, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और अनिवार्य सैन्य सेवा के खिलाफ किया गया था।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर हुए बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के बाद शनिवार देर रात फ्रैंकफर्ट के मध्य इलाके में उपद्रवियों ने दुकानों में लूटपाट की। यहाँ और जर्मनी के अन्य शहरों में पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़पें भी हुईं।

जर्मनी के वित्तीय केंद्र फ्रैंकफर्ट के अलावा, बर्लिन, कोलोन और हैम्बर्ग में भी हिंसा की घटनाएं हुईं। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों को निशाना बनाते हुए उन पर आतिशबाजी, पत्थर और बोतलें फेंकीं, जिसके जवाब में पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

इससे पहले, 'जेन जेड रेगेल्ट' (जिसका अर्थ है 'जेन जेड ने कमान संभाली') समूह द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में हजारों लोग शामिल हुए। उन्होंने स्कूलों को कम राशि मिलने, जीवन-यापन की उच्च लागत, सार्वजनिक खर्च में कटौती और अनिवार्य सैन्य सेवा के खिलाफ विरोध जताया।

जर्मनी में यह अशांति फ्रांस में युवाओं के नेतृत्व में हुए इसी तरह के बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद देखने को मिली है, जहाँ शनिवार को 320,000 से अधिक लोगों ने प्रदर्शन किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने फ्रैंकफर्ट की मुख्य शॉपिंग स्ट्रीट के एक बड़े हिस्से को बंद कर दिया था। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि शहर में कई गिरफ्तारियां की गई हैं।

फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख और बर्लिन के अधिकारियों के अनुसार, कुल 18,000 प्रदर्शनकारी मौजूद थे। यह संख्या आयोजकों द्वारा अपनी वेबसाइट पर लगाए गए अनुमान से लगभग आधी है।

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